समाचार आजकल।

चंदौली, 12 जून 2026। चंदौली साइबर थाना पुलिस ने बड़ी सफलता हासिल करते हुए फर्जी माइक्रो फाइनेंस कंपनी के माध्यम से देशभर में ऑनलाइन धोखाधड़ी करने वाले अंतरराज्यीय साइबर गिरोह का पर्दाफाश किया है। पुलिस ने एक महिला सहित तीन आरोपियों को गिरफ्तार किया है तथा साइबर ठगी से जुड़े लगभग 1.42 करोड़ रुपये की धनराशि होल्ड कराई है।
पुलिस के अनुसार, गिरफ्तार आरोपी “सत्कार निधि लिमिटेड” और अन्य फर्जी माइक्रो फाइनेंस कंपनियों के नाम पर लोगों को कम ब्याज दर पर आसान ऋण उपलब्ध कराने का झांसा देते थे। सोशल मीडिया, मोबाइल कॉल और अन्य माध्यमों से संपर्क कर पीड़ितों से प्रोसेसिंग फीस, सिक्योरिटी मनी, बीमा शुल्क और अन्य चार्ज के नाम पर रकम वसूली जाती थी।
साइबर शिकायतों की जांच और राष्ट्रीय साइबर अपराध रिपोर्टिंग पोर्टल (NCRP) पर उपलब्ध आंकड़ों के विश्लेषण में आरोपियों से जुड़े बैंक खातों के खिलाफ विभिन्न राज्यों से 16 साइबर शिकायतें दर्ज मिलीं। इसके अलावा गौतमबुद्ध नगर (नोएडा) में भी इनके विरुद्ध धोखाधड़ी का मुकदमा दर्ज पाया गया।
जांच के दौरान पुलिस को सूचना मिली कि चंदौली में संचालित एक कार्यालय से पूरे गिरोह का संचालन किया जा रहा है। इसके बाद साइबर थाना प्रभारी के नेतृत्व में गठित टीम ने छापेमारी कर बजरंग लॉन के सामने से तीन आरोपियों को गिरफ्तार कर लिया। मौके से बड़ी मात्रा में कंप्यूटर उपकरण, बैंकिंग दस्तावेज, फर्जी आधार कार्ड, मोबाइल फोन, मोहरें और अन्य महत्वपूर्ण अभिलेख बरामद किए गए।
पूछताछ में आरोपियों ने स्वीकार किया कि वे ग्रामीण और आर्थिक रूप से कमजोर लोगों को लोन दिलाने का झांसा देकर 5 हजार से 25 हजार रुपये तक विभिन्न शुल्कों के नाम पर वसूलते थे। साथ ही देशभर में होने वाले साइबर फ्रॉड से प्राप्त धनराशि को अपने बैंक खातों में मंगाकर करीब 1.5 प्रतिशत कमीशन काटने के बाद अन्य सहयोगियों के माध्यम से ट्रांसफर कर देते थे। गिरफ्तारी से बचने के लिए आरोपियों ने फर्जी नाम और पते वाले कूटरचित आधार कार्ड भी तैयार कर रखे थे।
गिरफ्तार आरोपी
- वीरेन्द्र कुमार निवासी बर्थरा बुर्द, थाना चन्दौली।
- आशीष पटवा निवासी बबुरी बाजार, थाना बबुरी।
- सोनी पत्नी शिवपूजन निवासी शाहपुर, थाना चकिया।
बरामदगी
पुलिस ने आरोपियों के कब्जे से 03 सीपीयू, 03 मॉनीटर, 03 की-बोर्ड, 02 माउस, 02 प्रिंटर, 01 कैलकुलेटर, 350 पासबुक, 03 फर्जी आधार कार्ड, 03 स्मार्टफोन, 11 मोहरें, 21 रजिस्टर, 06 ब्लैंक चेक, विभिन्न कंपनियों के सिम कार्ड तथा बैंकिंग एवं वित्तीय लेन-देन से संबंधित दस्तावेज बरामद किए हैं।
पुलिस की अपील
अपर पुलिस अधीक्षक सदर ने जनसामान्य से अपील की है कि किसी भी अनजान व्यक्ति या संस्था के झांसे में आकर ऋण, निवेश या वित्तीय लाभ के नाम पर धनराशि जमा न करें। साइबर ठगी की स्थिति में तत्काल हेल्पलाइन नंबर 1930 पर कॉल करें या राष्ट्रीय साइबर अपराध पोर्टल पर शिकायत दर्ज कराएं।