CM Yogi की पुलिस समीक्षा: 81 हजार भर्ती का ऐलान, साइबर सुरक्षा और कानून-व्यवस्था पर सख्त निर्देश।

✨CM Yogi Police Review: उत्तर प्रदेश में कानून-व्यवस्था को और अधिक सुदृढ़ बनाने के उद्देश्य से मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने पुलिस विभाग की एक अहम समीक्षा बैठक की। मुख्यमंत्री आवास पर आयोजित इस बैठक में भर्ती प्रक्रिया, साइबर सुरक्षा, अग्निशमन सेवा, पुलिस आधुनिकीकरण और प्रशासनिक पारदर्शिता जैसे कई महत्वपूर्ण मुद्दों पर विस्तार से चर्चा हुई और कई सख्त निर्देश जारी किए गए।

✨बैठक में अपर मुख्य सचिव गृह संजय प्रसाद, डीजीपी राजीव कृष्ण, डीजी/ईओडब्ल्यू एवं यूपी-112 की नीरा रावत, डीजी/टेलीकॉम आशुतोष पांडेय समेत कई वरिष्ठ अधिकारी मौजूद रहे। इसके अलावा अग्निशमन सेवा और कारागार विभाग के महानिदेशक भी बैठक में शामिल हुए।

81 हजार से अधिक पदों पर भर्ती का ऐलान
✨मुख्यमंत्री ने वित्तीय वर्ष 2026-27 में उत्तर प्रदेश पुलिस में 81,000 से अधिक पदों पर भर्ती करने के निर्देश दिए। उन्होंने स्पष्ट किया कि भर्ती प्रक्रिया पूरी तरह पारदर्शी, मेरिट आधारित और समयबद्ध होनी चाहिए। आरक्षण नियमों का सख्ती से पालन सुनिश्चित करने के साथ ही चयन प्रक्रिया में किसी भी प्रकार की अनियमितता को बर्दाश्त नहीं किया जाएगा। यह भर्ती प्रदेश की सुरक्षा व्यवस्था को मजबूत करने की दिशा में बड़ा कदम मानी जा रही है।

कानून-व्यवस्था में तकनीक का बढ़ता इस्तेमाल
✨मुख्यमंत्री ने कानून-व्यवस्था को बेहतर बनाने के लिए आधुनिक तकनीक के अधिकतम उपयोग पर जोर दिया। उन्होंने कहा कि डिजिटल सिस्टम और तकनीकी संसाधनों को मजबूत कर पुलिसिंग को और प्रभावी बनाया जाए। प्रदेश के सभी 75 जिलों में पुलिस रेडियो प्रणाली में ई-ऑफिस और डिजिटल प्लेटफॉर्म को सुदृढ़ करने के निर्देश दिए गए हैं, जिससे संचार व्यवस्था तेज और पारदर्शी हो सके।

यूपी-112 की प्रतिक्रिया समय और घटाने के निर्देश
✨आपातकालीन सेवा यूपी-112 की समीक्षा करते हुए मुख्यमंत्री ने बताया कि वर्तमान में पीआरवी (PRV) का रिस्पांस टाइम औसतन 6 मिनट है। उन्होंने इसे और कम करने के निर्देश दिए, ताकि आपात स्थिति में लोगों को और तेजी से सहायता मिल सके। इसके लिए पीआरवी वाहनों की रणनीतिक लोकेशन तय करने और उनके निरंतर मूवमेंट को सुनिश्चित करने के निर्देश दिए गए।

लंबे समय से तैनात कर्मियों के तबादले
✨मुख्यमंत्री ने मुख्यमंत्री आवास, राजभवन और पुलिस मुख्यालय में लंबे समय से तैनात अधिकारियों और कर्मचारियों को तत्काल प्रभाव से स्थानांतरित करने के निर्देश दिए। यह निर्णय प्रशासनिक पारदर्शिता और जवाबदेही को बढ़ाने के उद्देश्य से लिया गया है, ताकि किसी भी प्रकार की जड़ता या पक्षपात की स्थिति न बने।

अग्निशमन सेवाओं को मिलेगा नया स्वरूप
✨बैठक में अग्निशमन विभाग को लेकर भी कई महत्वपूर्ण निर्णय लिए गए। मुख्यमंत्री ने ‘एक तहसील – एक फायर टेंडर’ योजना को तेजी से लागू करने के निर्देश दिए। इसके अलावा, हर जिले में हाइड्रोलिक फायर टेंडर की उपलब्धता अनिवार्य करने पर जोर दिया गया, जिससे आगजनी की घटनाओं में त्वरित और प्रभावी कार्रवाई की जा सके।

जेलों में डिजिटल पेशी व्यवस्था
✨कारागार विभाग को निर्देश दिए गए कि जेलों में वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के माध्यम से पेशी की व्यवस्था को और मजबूत किया जाए। इससे कैदियों को अदालत ले जाने में लगने वाला समय और संसाधन बचेंगे, साथ ही सुरक्षा भी सुनिश्चित होगी।

साइबर सुरक्षा पर विशेष ध्यान
✨प्रदेश में बढ़ते साइबर अपराधों को देखते हुए मुख्यमंत्री ने साइबर सुरक्षा को प्राथमिकता देने के निर्देश दिए। जानकारी के अनुसार, अब तक ₹425.7 करोड़ की साइबर ठगी को रोका जा चुका है। साइबर हेल्पलाइन 1930 की कॉल हैंडलिंग क्षमता को और बढ़ाया गया है, साथ ही लोगों को जागरूक करने के लिए विशेष अभियान चलाने के निर्देश दिए गए हैं।

प्रशिक्षण और मानव संसाधन विकास
✨मुख्यमंत्री ने बताया कि अब तक 60,000 से अधिक आरक्षियों को प्रशिक्षण दिया जा चुका है। इसके अलावा वर्ष 2026-27 में 4,500 उपनिरीक्षकों को भी प्रशिक्षण दिया जाएगा। उन्होंने 7,500 नागरिक सुरक्षा स्वयंसेवकों के प्रशिक्षण को भी तेज करने के निर्देश दिए, ताकि आपदा और आपात स्थिति में उनकी सहायता ली जा सके।

भ्रष्टाचार पर जीरो टॉलरेंस
✨मुख्यमंत्री ने साफ शब्दों में कहा कि पुलिस विभाग में भ्रष्टाचार किसी भी स्थिति में बर्दाश्त नहीं किया जाएगा। लंबित जांचों को जल्द से जल्द निस्तारित करने और दोषियों के खिलाफ सख्त कार्रवाई करने के निर्देश दिए गए।

पुलिस आवास और कल्याण योजनाएं
✨पुलिस कर्मियों के कल्याण के लिए आवास निर्माण को प्राथमिकता देने और एक कॉर्पस फंड बनाने की योजना पर भी चर्चा हुई। इससे पुलिस बल को बेहतर सुविधाएं मिल सकेंगी और उनका मनोबल बढ़ेगा।

ऑपरेशन मुस्कान और रेलवे सुरक्षा
✨बैठक में ‘ऑपरेशन मुस्कान’ की सराहना की गई, जिसके तहत 2,325 बच्चों को उनके परिवारों से मिलाया गया। इसके अलावा रेलवे पुलिस को ट्रैक सुरक्षा मजबूत करने और मानव तस्करी रोकने के लिए विशेष अभियान चलाने के निर्देश दिए गए।

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