
मनोज कुमार हत्याकांड का खुलासा करते पुलिस अधिकारी, गिरफ्तार आरोपी और बरामद हथियार के साथ पुलिस टीम।
चन्दौली। अलीनगर थाना क्षेत्र में हुए मनोज कुमार हत्याकांड का चन्दौली पुलिस ने महज 24 घंटे के भीतर खुलासा कर दिया है। पुलिस जांच में सामने आया है कि ब्याज के लेन-देन के विवाद और रंजिश के चलते एक लोको पायलट ने ही हत्या की पूरी साजिश रची थी। उसने बिहार के दो शूटरों को डेढ़ लाख रुपये की सुपारी देकर वारदात को अंजाम दिलाया।
पुलिस के अनुसार 6 जून को टड़िया-पटपरा मार्ग पर मनोज कुमार का शव गोली लगने से मिला था। मामले की गंभीरता को देखते हुए पुलिस अधीक्षक आकाश पटेल ने कई टीमों का गठन किया और स्वयं लगातार मॉनिटरिंग करते हुए जांच की निगरानी की।
जांच के दौरान सीसीटीवी फुटेज, कॉल डिटेल रिकॉर्ड (सीडीआर) और अन्य वैज्ञानिक साक्ष्यों के आधार पर रेलवे के लोको पायलट कृष्ण भगवान सिंह का नाम सामने आया। पूछताछ में उसने हत्या की साजिश रचने की बात स्वीकार कर ली।
पुलिस के मुताबिक कृष्ण भगवान सिंह ने वर्ष 2020 में मनोज कुमार से ब्याज पर रुपये उधार लिए थे। समय के साथ यह रकम बढ़कर लगभग सात लाख रुपये हो गई थी। लगातार तकादे और व्यक्तिगत रंजिश के चलते उसने बिहार निवासी भरत सिंह और सूरज उर्फ राजेश को सुपारी देकर हत्या की योजना बनाई।
योजना के तहत मनोज कुमार को रुपये देने के बहाने बुलाया गया और साइकिल से सुनसान इलाके की ओर ले जाया गया। वहीं पहले से पीछा कर रहे शूटरों ने मनोज कुमार पर गोलियां चला दीं, जिससे उसकी मौत हो गई।
घटना के खुलासे के दौरान पुलिस ने आरोपी सूरज उर्फ राजेश को गिरफ्तार कर लिया। बरामदगी के लिए ले जाते समय उसने पुलिस टीम पर फायरिंग कर भागने का प्रयास किया। जवाबी कार्रवाई में उसके पैरों में गोली लगी और उसे गिरफ्तार कर लिया गया।
पुलिस ने हत्या में प्रयुक्त .32 बोर पिस्टल, दो खोखा कारतूस और दो जिंदा कारतूस बरामद किए हैं। मामले में आगे की विधिक कार्रवाई जारी है।
इस उल्लेखनीय सफलता पर अपर पुलिस महानिदेशक, वाराणसी जोन ने पुलिस टीम को 50 हजार रुपये के नकद पुरस्कार से सम्मानित करने की घोषणा की है।फोटो रिलीज हेडिंग: “24 घंटे में ब्लाइंड मर्डर का खुलासा, सुपारी किलिंग का पर्दाफाश; मुख्य आरोपी और शूटर गिरफ्तार”