वाराणसी, 3 अगस्त। सावन माह के प्रथम सोमवार पर धर्मनगरी काशी पूरी तरह शिवमय और भगवामय नजर आई। तड़के मंगला आरती के बाद जैसे ही श्री काशी विश्वनाथ मंदिर के कपाट श्रद्धालुओं के लिए खोले गए, बाबा के दर्शन के लिए लाखों श्रद्धालुओं और कांवरियों का जनसैलाब उमड़ पड़ा। पूरा मंदिर परिसर और आसपास का क्षेत्र “हर-हर महादेव” और “बम-बम भोले” के जयघोष से गूंज उठा।
श्रद्धालुओं के स्वागत के लिए मंदिर प्रशासन की ओर से विशेष व्यवस्था की गई। मंडलायुक्त एस. राजलिंगम एवं श्री काशी विश्वनाथ मंदिर के मुख्य कार्यपालक अधिकारी विश्व भूषण मिश्रा ने मंदिर पहुंचने वाले कांवरियों और श्रद्धालुओं पर पुष्पवर्षा कर उनका अभिनंदन किया।
मंदिर प्रशासन ने दर्शन व्यवस्था को सुचारु बनाए रखने के लिए श्रद्धालुओं के प्रवेश हेतु छह प्रमुख द्वार निर्धारित किए हैं। बाबा के दर्शन के लिए लगभग तीन किलोमीटर लंबी कतारें देखने को मिलीं, जहां श्रद्धालु धैर्यपूर्वक अपनी बारी का इंतजार करते रहे।
श्रद्धालुओं की सुविधा को ध्यान में रखते हुए शहर के विभिन्न स्थानों पर राहत शिविर, स्वास्थ्य हेल्प डेस्क तथा खान-पान की समुचित व्यवस्था की गई है। विशेष रूप से प्रयागराज संगम से आने वाले कांवरियों के लिए भी चिकित्सा एवं विश्राम संबंधी सुविधाएं उपलब्ध कराई गई हैं।
सुरक्षा व्यवस्था के मद्देनजर पुलिस प्रशासन पूरी तरह मुस्तैद है। शहर के संवेदनशील क्षेत्रों, मंदिर परिसर और प्रमुख मार्गों पर भारी संख्या में पुलिस बल तैनात किया गया है। श्रद्धालुओं की सुरक्षा एवं भीड़ प्रबंधन के लिए सीसीटीवी कैमरों और ड्रोन के माध्यम से लगातार निगरानी की जा रही है।
गंगा का जलस्तर बढ़ने के कारण घाटों पर विशेष सतर्कता बरती जा रही है। जल पुलिस, एनडीआरएफ और गोताखोरों की टीमें तैनात हैं तथा बैरिकेडिंग के भीतर ही श्रद्धालुओं को स्नान कर जल भरने और बाबा विश्वनाथ को अर्पित करने की अनुमति दी जा रही है।
पुलिस कमिश्नर मोहित अग्रवाल ने सभी पुलिसकर्मियों को निर्देश दिए हैं कि वे श्रद्धालुओं और कांवरियों से विनम्र व्यवहार करें तथा उन्हें “सर” और “मैडम” कहकर संबोधित करें। साथ ही कांवर यात्रा के लिए अलग लेन निर्धारित की गई है, जिससे यातायात और यात्रा दोनों सुचारु रूप से संचालित हो सकें।
प्रशासन ने स्पष्ट किया है कि कांवरियों के वेश में असामाजिक गतिविधियां करने वाले या व्यवस्था भंग करने वाले लोगों के खिलाफ कड़ी कार्रवाई की जाएगी।