वाराणसी।22 तीर्थों के जल और 501 लीटर दूध से हुआ महादेव का महारुद्राभिषेक।

काशी में सावन में अभिषेक का अनंत कोटि फल मिलता है : बालव्यास

वाराणसी। श्रीकाशी सत्संग सेवा समिति के तत्वावधान में महमूरगंज स्थित शुभम लॉन में चल रही आठ दिवसीय श्रीमद्भागवत कथा के अंतिम दिन सोमवार को सामूहिक महारुद्राभिषेक का आयोजन किया गया। कथा मर्मज्ञ बालव्यास श्रीकान्त शर्मा ने नर्वदेश्वर महादेव का 22 तीर्थों के जल और 501 लीटर दूध से अभिषेक कराया।

महारुद्राभिषेक से पूर्व वैदिक मंत्रोच्चार के बीच गौरी-गणेश, नवग्रह, वरुण, अमृत कलश एवं षोडशोपचार विधि से पूजन किया गया। इसके बाद पंचगव्य, पंचामृत और पंचरस से महादेव का अभिषेक हुआ। विभिन्न तीर्थों और नदियों के जल से अभिषेक के बाद महादेव को 11 हजार बिल्वपत्र अर्पित किए गए। पूरे कथा मंडप में हर-हर महादेव के जयकारे गूंजते रहे।

बालव्यास श्रीकान्त शर्मा ने कहा कि काशी में सावन मास में रुद्राभिषेक करने का सहस्त्र कोटि यज्ञ के समान फल प्राप्त होता है। उन्होंने भजनों के माध्यम से श्रद्धालुओं को भक्ति में सराबोर कर दिया। अभिषेक के बाद फूल और भस्म से महादेव का श्रृंगार कर आरती एवं मंत्र पुष्पांजलि की गई।

आयोजन में अवधेश खेमका, सुरेश तुलस्यान, कृष्ण कुमार काबरा, जयकिशन केडिया, अशोक खेमका, महेश चौधरी, दीपक बजाज, राजेश गट्टानी, अमित अग्रवाल, गोपाल अग्रवाल, राधे गोविंद केजरीवाल, अनुज डिडवानिया, प्रताप बहादुर सिंह, विनय पोद्दार समेत बड़ी संख्या में श्रद्धालु मौजूद रहे। संचालन कृष्ण कुमार काबरा ने किया। अभिषेक के बाद बाबा को अर्पित एक क्विंटल से अधिक फल और मिठाइयों का प्रसाद श्रद्धालुओं में वितरित किया गया।

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