
आधी रात भगवान श्रीकृष्ण के जन्मोत्सव के साथ गूंजेगा ‘नंद के आनंद भयो’; थानों में विशेष सजावट और भजन-कीर्तन की तैयारी।
वाराणसी। भगवान श्रीकृष्ण के जन्मोत्सव को लेकर पूरे जनपद में उत्साह और श्रद्धा का माहौल है। कृष्ण जन्माष्टमी के अवसर पर जहां मंदिरों और घरों में विशेष पूजा-अर्चना एवं आकर्षक सजावट की जाएगी, वहीं जनपद के सभी थानों में भी भगवान श्रीकृष्ण का जन्मोत्सव धूमधाम से मनाने की तैयारी की जा रही है।
जन्माष्टमी के अवसर पर थानों को आकर्षक ढंग से सजाया जाएगा। कई स्थानों पर भगवान श्रीकृष्ण और राधा रानी की झांकियां सजेंगी, जबकि भजन-कीर्तन और पूजा-अर्चना के साथ भगवान श्रीकृष्ण का जन्मोत्सव मनाया जाएगा। पुलिसकर्मी भी इस धार्मिक आयोजन में शामिल होकर लड्डू गोपाल का विशेष श्रृंगार और पूजा करेंगे।
रात्रि में होगा कान्हा का जन्मोत्सव
जन्माष्टमी की रात श्रद्धालु भगवान श्रीकृष्ण के जन्म की प्रतीक्षा करेंगे। धार्मिक मान्यताओं के अनुसार रात्रि निशीथ काल में भगवान श्रीकृष्ण का जन्मोत्सव मनाया जाता है। आधी रात को मंदिरों, पूजा स्थलों और थानों में घंटा-घड़ियाल एवं शंखनाद के बीच भगवान श्रीकृष्ण का जन्म कराया जाएगा।
इसके बाद लड्डू गोपाल का पंचामृत से अभिषेक, विशेष श्रृंगार और आरती की जाएगी। श्रद्धालु भगवान को माखन-मिश्री, पंजीरी और अन्य भोग अर्पित करेंगे। पूजा-अर्चना के बाद प्रसाद वितरण का भी आयोजन किया जाएगा।
सजेंगे मंदिर और थाने, दिखेगा भक्तिमय माहौल
श्रीकृष्ण जन्माष्टमी को लेकर जनपद के विभिन्न मंदिरों के साथ-साथ सभी थानों में तैयारियां तेज हैं। रंग-बिरंगी रोशनी, फूलों और आकर्षक सजावट से परिसर को सजाया जाएगा। जन्मोत्सव के दौरान ‘जय श्रीकृष्ण’, ‘राधे-राधे’ और ‘नंद के आनंद भयो, जय कन्हैया लाल की’ के जयघोष से वातावरण भक्तिमय हो उठेगा।
बच्चों और युवाओं में भी जन्माष्टमी को लेकर खास उत्साह देखने को मिल रहा है। कई जगह राधा-कृष्ण की आकर्षक झांकियां सजाई जाएंगी और सांस्कृतिक कार्यक्रमों का आयोजन होगा।
कुल मिलाकर कृष्ण जन्माष्टमी के अवसर पर पूरा जनपद कान्हामय नजर आएगा। मंदिरों से लेकर पुलिस थानों तक विशेष सजावट, पूजा-अर्चना और भजन-कीर्तन के बीच आधी रात भगवान श्रीकृष्ण का जन्मोत्सव श्रद्धा और उल्लास के साथ मनाया जाएगा।