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वाराणसी। घड़ियाल संरक्षण की दिशा में एक महत्वपूर्ण पहल करते हुए वाराणसी में घड़ियाल प्रजनन केंद्र स्थापित किए जाने की तैयारी शुरू कर दी गई है। भारत सरकार से स्वीकृति मिलने के बाद वन विभाग इस महत्वाकांक्षी परियोजना को मूर्त रूप देने में जुट गया है। इस केंद्र के माध्यम से लगभग 6000 घड़ियालों के संरक्षण एवं संवर्धन की व्यवस्था की जाएगी।
वाराणसी वृत्त के वन संरक्षक डॉ. रवि कुमार सिंह ने बताया कि वाराणसी वन प्रभाग द्वारा तैयार किए गए प्रस्ताव को भारत सरकार से अनुमोदन प्राप्त हो गया है। इसके तहत लखनऊ स्थित कुकरेल घड़ियाल प्रजनन केंद्र की तर्ज पर वाराणसी में भी आधुनिक सुविधाओं से युक्त घड़ियाल प्रजनन केंद्र विकसित किया जाएगा।
उन्होंने बताया कि घड़ियाल नदियों के पारिस्थितिकी तंत्र का एक महत्वपूर्ण हिस्सा हैं। इन्हें स्वच्छता का जीव माना जाता है, क्योंकि यह नदी तंत्र को संतुलित बनाए रखने में अहम भूमिका निभाते हैं। समय के साथ इनकी संख्या में कमी आई है, जिसे देखते हुए संरक्षण एवं प्रजनन कार्यक्रमों को बढ़ावा दिया जा रहा है।
वन विभाग के अनुसार परियोजना अभी प्रारंभिक चरण में है। केंद्र के लिए भूमि चयन, बाड़ों के निर्माण तथा अन्य आवश्यक आधारभूत संरचनाओं की रूपरेखा तैयार की जा रही है। सभी प्रक्रियाएं पूर्ण होने के बाद निर्माण कार्य शुरू किया जाएगा।
इस परियोजना के शुरू होने से घड़ियालों के संरक्षण को नई गति मिलेगी तथा गंगा नदी और उससे जुड़े जलीय पारिस्थितिकी तंत्र के संरक्षण में भी महत्वपूर्ण योगदान प्राप्त होगा।