
शहीदगांव बाजार। क्रांतिकारी समाजसेवी एवं जनसरोकारों की आवाज माने जाने वाले पंडित भरतभूषण तिवारी की स्मृति में आयोजित श्रद्धांजलि सभा भावपूर्ण वातावरण में सम्पन्न हुई। सभा में पूर्वांचल के विभिन्न क्षेत्रों से आए गणमान्य नागरिकों, युवाओं, सामाजिक कार्यकर्ताओं एवं क्षेत्रवासियों ने बड़ी संख्या में भाग लेकर उन्हें श्रद्धासुमन अर्पित किए तथा न्याय की लड़ाई को आगे बढ़ाने का संकल्प लिया।
कार्यक्रम के दौरान उपस्थित लोगों ने दो मिनट का मौन रखकर दिवंगत आत्मा की शांति के लिए प्रार्थना की। श्रद्धांजलि सभा में वक्ताओं ने कहा कि भरतभूषण तिवारी ने समाज के वंचित, शोषित और पीड़ित वर्गों की आवाज बनकर संघर्ष किया और जनहित के मुद्दों को लगातार उठाया। उनके संघर्ष और योगदान को समाज लंबे समय तक याद रखेगा।
मुख्य वक्ता वैभव कुमार त्रिपाठी ‘डबलू’ ने कहा कि भरतभूषण तिवारी केवल एक व्यक्ति नहीं बल्कि अन्याय, अत्याचार और भ्रष्टाचार के विरुद्ध संघर्ष की एक सशक्त पहचान थे। उनका जीवन समाज के लिए समर्पित रहा और उनका संघर्ष आने वाली पीढ़ियों को अन्याय के विरुद्ध खड़े होने की प्रेरणा देता रहेगा।
उन्होंने कहा कि भरतभूषण तिवारी प्रकरण को लेकर पूर्वांचल के विभिन्न जिलों में लोगों के बीच गहरी संवेदना और न्याय की मांग लगातार मुखर हो रही है। समाज के विभिन्न वर्ग इस मामले की निष्पक्ष जांच और न्याय सुनिश्चित किए जाने की मांग कर रहे हैं। उन्होंने कहा कि लोकतंत्र में प्रत्येक नागरिक को न्याय पाने का अधिकार है और इस अधिकार की रक्षा के लिए हर संवैधानिक मंच पर आवाज उठाई जाएगी।
अपने संबोधन में वैभव त्रिपाठी ने कहा कि देश में बढ़ रही कथित मुठभेड़ और कानून-व्यवस्था से जुड़े विवादों पर गंभीर विमर्श की आवश्यकता है। उन्होंने कहा कि संविधान और न्यायपालिका पर जनता का विश्वास लोकतंत्र की सबसे बड़ी ताकत है और किसी भी परिस्थिति में विधि के शासन से समझौता नहीं किया जा सकता।
उन्होंने घोषणा की कि भरतभूषण तिवारी प्रकरण में न्याय दिलाने के लिए कानूनी लड़ाई को सर्वोच्च स्तर तक ले जाया जाएगा। आवश्यकता पड़ने पर सर्वोच्च न्यायालय का दरवाजा खटखटाया जाएगा तथा संवैधानिक और कानूनी माध्यमों से न्याय की मांग जारी रहेगी। उन्होंने यह भी कहा कि जनहित से जुड़े महत्वपूर्ण प्रश्नों को उठाने के लिए आवश्यक कानूनी विकल्पों पर भी विचार किया जा रहा है।
सभा में उपस्थित लोगों ने कहा कि लोकतंत्र में जनहित और सामाजिक न्याय के लिए आवाज उठाने वालों की सुरक्षा सुनिश्चित की जानी चाहिए। वक्ताओं ने समाज से एकजुट होकर न्याय, संविधान और लोकतांत्रिक मूल्यों की रक्षा के लिए आगे आने का आह्वान किया।
इस अवसर पर मिंटू तिवारी, भोला तिवारी, राहुल तिवारी, गणेश तिवारी, पवन मिश्रा, राजेश तिवारी, शिवदत्त तिवारी, रानू तिवारी, पीयूष तिवारी, अनुज तिवारी, अनूप तिवारी, विकास पाण्डेय, विष्णुदत्त तिवारी, अखिलेश पाण्डेय, सुनील तिवारी, शशिकांत तिवारी, पंकज तिवारी सहित बड़ी संख्या में क्षेत्रवासी एवं युवा उपस्थित रहे।
कार्यक्रम के अंत में उपस्थित जनसमूह ने न्याय की मांग को आगे बढ़ाने, सामाजिक एकता को मजबूत करने तथा लोकतांत्रिक मूल्यों की रक्षा के लिए संगठित रूप से कार्य करने का संकल्प दोहराया।