चंदौली।वायरल वीडियो-ऑडियो ने खोली पुलिस की कार्यशैली की पोल! चन्दौली में एसपी का बड़ा एक्शन, मुगलसराय प्रभारी समेत दो पुलिसकर्मी निलम्बित।

वायरल होते ही खुली पोल, अब हुई कार्रवाई! चन्दौली में पुलिस की बदसलूकी पर एसपी सख्त।

अब नहीं चलेगी खाकी की मनमानी! चन्दौली एसपी का सख्त संदेश—लापरवाही और बदसलूकी पर सीधे निलम्बन

लापरवाही, अभद्रता और अनुशासनहीनता पर अब नहीं चलेगी खाकी की मनमानी, एसपी आकाश पटेल ने दिया सख्त संदेश—छवि खराब करने वालों पर होगी कार्रवाई

चन्दौली। सोशल मीडिया पर वायरल वीडियो और ऑडियो ने चन्दौली पुलिस की कार्यशैली पर सवाल खड़े किए तो पुलिस अधीक्षक आकाश पटेल ने मामले को गंभीरता से लेते हुए बड़ी कार्रवाई की है। जनसामान्य के साथ कथित अभद्र व्यवहार, गाली-गलौज और पुलिस की छवि धूमिल करने के आरोपों से जुड़े दो अलग-अलग मामलों में मुगलसराय थाना प्रभारी विजय प्रताप सिंह और चकरघट्टा थाने के मुख्य आरक्षी सुरेन्द्र प्रताप यादव को निलम्बित कर विभागीय जांच के आदेश दिए गए हैं।

पुलिस अधीक्षक की इस कार्रवाई को विभाग के भीतर अनुशासनहीनता और मनमाने व्यवहार के खिलाफ सख्त संदेश के रूप में देखा जा रहा है। साफ कर दिया गया है कि अब पुलिसकर्मियों की लापरवाही, अमर्यादित व्यवहार और आमजन के साथ अभद्रता को किसी भी स्तर पर बर्दाश्त नहीं किया जाएगा।

पहले लाइन हाजिर, अब निलम्बित हुए मुगलसराय प्रभारी

उप निरीक्षक विजय प्रताप सिंह, तत्कालीन प्रभारी मुगलसराय, के संबंध में सोशल मीडिया पर एक वीडियो वायरल हुआ था। वीडियो में एक व्यक्ति ने थाना प्रभारी पर गंभीर आरोप लगाते हुए एक मामले की पैरवी के दौरान कथित तौर पर गाली-गलौज, अभद्र व्यवहार और मारपीट करने का आरोप लगाया था।

मामले के सामने आने के बाद विजय प्रताप सिंह को पहले लाइन हाजिर किया गया था। इसके बाद प्राथमिक जांच में सामने आए तथ्यों के आधार पर उन्हें निलम्बित कर दिया गया है। उनके विरुद्ध विभागीय जांच भी प्रचलित है।

जेई से फोन पर कथित गाली-गलौज का ऑडियो वायरल, मुख्य आरक्षी भी निलम्बित

दूसरा मामला थाना चकरघट्टा से जुड़ा है। मुख्य आरक्षी सुरेन्द्र प्रताप यादव पर आरोप है कि 25 अगस्त की शाम विद्युत विभाग नौगढ़ के जेई से मोबाइल फोन पर बातचीत के दौरान उन्होंने कथित तौर पर गाली-गलौज और अपशब्दों का प्रयोग किया।

इस बातचीत का ऑडियो सोशल मीडिया पर वायरल होने के बाद मामला पुलिस अधिकारियों के संज्ञान में पहुंचा। पुलिस विभाग की छवि प्रभावित होने और प्रकरण की गंभीरता को देखते हुए मुख्य आरक्षी सुरेन्द्र प्रताप यादव को भी तत्काल प्रभाव से निलम्बित कर उनके विरुद्ध विभागीय जांच शुरू करने की कार्रवाई की गई है।

एसपी का सख्त संदेश—खाकी का रौब नहीं, जनता के प्रति जवाबदेही जरूरी

पुलिस अधीक्षक आकाश पटेल ने स्पष्ट कर दिया है कि पुलिस विभाग में अनुशासनहीनता, अमर्यादित आचरण, जनता के साथ अभद्र व्यवहार अथवा पुलिस की छवि को धूमिल करने वाली किसी भी गतिविधि को बर्दाश्त नहीं किया जाएगा।

उन्होंने पुलिसकर्मियों को अपने कर्तव्यों का निर्वहन निष्ठा, अनुशासन, शालीनता और संवेदनशीलता के साथ करने के निर्देश दिए हैं।

चन्दौली पुलिस की इस कार्रवाई ने एक स्पष्ट संदेश दिया है कि खाकी की जिम्मेदारी सिर्फ कानून-व्यवस्था संभालना ही नहीं, बल्कि जनता के साथ सम्मानजनक व्यवहार करना भी है। सोशल मीडिया के दौर में किसी भी पुलिसकर्मी की लापरवाही, बदसलूकी या अनुशासनहीनता अब नजरअंदाज नहीं की जाएगी और दोषी पाए जाने पर सख्त विभागीय कार्रवाई तय है।

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