बिजनौर। ऑल इंडिया मजलिस-ए-इत्तेहादुल मुस्लिमीन (AIMIM) प्रमुख असदुद्दीन ओवैसी ने बिजनौर में आयोजित एक सार्वजनिक कार्यक्रम के दौरान राम मंदिर ट्रस्ट और कानून-व्यवस्था को लेकर टिप्पणी की, जिसके बाद राजनीतिक माहौल गर्म हो गया है।
अपने संबोधन में ओवैसी ने राम मंदिर ट्रस्ट में विभिन्न समुदायों की भागीदारी को लेकर सवाल उठाए। उन्होंने प्रशासनिक कार्रवाई की प्रक्रिया पर भी टिप्पणी करते हुए कहा कि यदि किसी व्यवस्था में सभी समुदायों की भागीदारी होती और बाद में किसी प्रकार की अनियमितता सामने आती, तो कार्रवाई किस प्रकार होती—इस पर उन्होंने व्यंग्यात्मक अंदाज में अपनी बात रखी।
ओवैसी के इस बयान के बाद राजनीतिक गलियारों में चर्चाएं तेज हो गई हैं। उनके बयान को लेकर विभिन्न दलों और सामाजिक संगठनों की ओर से अलग-अलग प्रतिक्रियाएं सामने आ रही हैं।
हालांकि, समाचार लिखे जाने तक राम मंदिर ट्रस्ट अथवा प्रशासन की ओर से इस संबंध में कोई आधिकारिक प्रतिक्रिया जारी नहीं की गई थी।
फिलहाल यह मामला राजनीतिक बहस का विषय बना हुआ है और आने वाले दिनों में इस पर और प्रतिक्रियाएं सामने आने की संभावना है।