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वाराणसी। शहर की बहुचर्चित दालमंडी सड़क चौड़ीकरण परियोजना से जुड़े ध्वस्तीकरण अभियान पर इलाहाबाद हाईकोर्ट ने अंतरिम रोक लगा दी है। अदालत के आदेश के बाद अब 20 जुलाई 2026 तक विवादित भवनों के खिलाफ किसी भी प्रकार की तोड़फोड़ या ध्वस्तीकरण की कार्रवाई नहीं की जा सकेगी।
दालमंडी क्षेत्र में सड़क चौड़ीकरण को लेकर प्रशासन द्वारा चलाए जा रहे अभियान के बीच प्रभावित भवन स्वामियों ने हाईकोर्ट का दरवाजा खटखटाया था। याचिकाकर्ताओं का कहना था कि उनकी आपत्तियों और कानूनी पहलुओं पर समुचित विचार किए बिना कार्रवाई की जा रही है। मामले की सुनवाई के दौरान अदालत ने संबंधित पक्षों की दलीलें सुनने के बाद फिलहाल यथास्थिति बनाए रखने का निर्देश दिया है।
हाईकोर्ट के इस फैसले से दालमंडी क्षेत्र के उन मकान मालिकों और व्यापारियों को बड़ी राहत मिली है, जिनकी संपत्तियां सड़क चौड़ीकरण परियोजना की जद में आ रही हैं। वहीं प्रशासन और संबंधित विभागों को भी अगली सुनवाई तक ध्वस्तीकरण की कार्रवाई रोकनी होगी।
दालमंडी सड़क चौड़ीकरण परियोजना को शहर के यातायात सुधार और सुगम आवागमन के लिए महत्वपूर्ण माना जा रहा है। हालांकि, परियोजना के तहत भवनों के अधिग्रहण और ध्वस्तीकरण को लेकर स्थानीय स्तर पर लगातार विरोध और कानूनी विवाद भी सामने आते रहे हैं।
अब सभी की निगाहें 20 जुलाई 2026 को होने वाली अगली सुनवाई पर टिकी हैं, जहां अदालत के निर्णय से परियोजना की आगे की दिशा तय हो सकती है।