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लखनऊ। उत्तर प्रदेश मेट्रो रेल कॉरपोरेशन (यूपीएमआरसी) ने लखनऊ मेट्रो के ईस्ट-वेस्ट कॉरिडोर (फेज-1बी) को लेकर बड़ा कदम उठाया है। चारबाग से चौक तक बनने वाले अंडरग्राउंड सेक्शन और सात भूमिगत मेट्रो स्टेशनों के निर्माण के लिए ₹1877.89 करोड़ का सबसे बड़ा सिविल टेंडर जारी कर दिया गया है। यह लखनऊ मेट्रो फेज-1बी परियोजना का अब तक का सबसे बड़ा निर्माण पैकेज है।
यूपीएमआरसी के अनुसार, 28 जुलाई 2026 को टेंडर खोले जाएंगे। सफल कंपनी के चयन के बाद कार्यादेश जारी होगा और निर्माण कार्य शुरू होने की तिथि से 36 महीने के भीतर पूरा करने का लक्ष्य रखा गया है।
इस पैकेज के तहत चारबाग, गौतमबुद्ध मार्ग, अमीनाबाद, पांडेयगंज, सिटी, मेडिकल चौराहा और चौक सहित कुल 7 आधुनिक अंडरग्राउंड मेट्रो स्टेशनों का निर्माण किया जाएगा। इसके साथ ही अत्याधुनिक तकनीक से भूमिगत सुरंग बनाई जाएगी तथा चौक मेट्रो स्टेशन से एलिवेटेड कॉरिडोर को जोड़ने के लिए लगभग 350 मीटर लंबा रैंप भी तैयार किया जाएगा।
यूपीएमआरसी इससे पहले ईस्ट-वेस्ट कॉरिडोर के एलिवेटेड सेक्शन, पांच मेट्रो स्टेशनों, वायाडक्ट और वसंतकुंज मेट्रो डिपो के निर्माण के लिए भी टेंडर जारी कर चुका है। अब अंडरग्राउंड सेक्शन का टेंडर जारी होने के साथ परियोजना के सभी प्रमुख सिविल पैकेज निविदा प्रक्रिया में शामिल हो चुके हैं।
करीब ₹5801 करोड़ की लागत वाली लखनऊ मेट्रो फेज-1बी परियोजना के तहत 12 मेट्रो स्टेशन बनाए जाएंगे, जिनमें 5 एलिवेटेड और 7 अंडरग्राउंड होंगे। परियोजना के दोनों हिस्सों का निर्माण समानांतर रूप से किया जाएगा, ताकि तय समय सीमा में पूरे कॉरिडोर पर मेट्रो संचालन शुरू किया जा सके।
यूपीएमआरसी के प्रबंध निदेशक सुशील कुमार ने कहा कि अंडरग्राउंड सेक्शन के इस प्रमुख सिविल टेंडर का जारी होना परियोजना के लिए एक महत्वपूर्ण मील का पत्थर है। एलिवेटेड और अंडरग्राउंड दोनों सेक्शन पर एक साथ काम शुरू होने से परियोजना को समय पर पूरा करने में मदद मिलेगी।
ईस्ट-वेस्ट कॉरिडोर के पूरा होने के बाद चारबाग से वसंतकुंज तक तेज, सुरक्षित और पर्यावरण-अनुकूल मेट्रो सेवा उपलब्ध होगी। इससे पुराने लखनऊ समेत घनी आबादी वाले क्षेत्रों को बेहतर कनेक्टिविटी मिलेगी, सड़कों पर यातायात का दबाव कम होगा और शहर में टिकाऊ एवं आधुनिक सार्वजनिक परिवहन व्यवस्था को नई मजबूती मिलेगी।